हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलआती ने कहा है कि तथाकथित "ग्रेटर इज़राइल" की परियोजना और मध्य पूर्व के नक्शे को एकतरफा तरीके से बदलने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 के बाद क्षेत्र में हुए घटनाक्रमों ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी देश की एकतरफा इच्छा के आधार पर मध्य पूर्व पर प्रभुत्व स्थापित करना या उसकी नई रूपरेखा तैयार करना संभव नहीं है।
विदेश मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि भविष्य में क्षेत्रीय व्यवस्था केवल क्षेत्र के देशों की आपसी सहमति और सामूहिक सहमति के आधार पर ही बन सकती है। कोई भी देश, चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, सैन्य बल या दबाव के माध्यम से अपनी इच्छा दूसरों पर नहीं थोप सकता।
ग्रेटर इज़राइल" की परियोजना के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जो भी योजना एकतरफा दबाव और प्रभुत्व पर आधारित होगी, वह असफल होगी, जबकि क्षेत्रीय देशों की सामूहिक इच्छा ही भविष्य की किसी भी व्यवस्था का आधार बनेगी।
उन्होंने मिस्र, सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के चार-देशीय तंत्र का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि यह कोई सैन्य या राजनीतिक गठबंधन नहीं है, बल्कि क्षेत्र के चार प्रभावशाली देशों के बीच परामर्श और समन्वय का एक मंच है।
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