हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "तोहफ ए ओकूल" पुस्तक से लिया गया हैं इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है:
«وَ قَدْ سُئِلَ عَنِ الْجُودِ: بَذْلُ الْمَجْهُودِ.»
हजरत इमाम हसन अलैहिस्सलाम से पूछा गया कि सखावत क्या है?आपने अलैहिस्सलाम ने फरमाया:
अपनी मेहनत और प्रयास दूसरों के लिए समर्पित करना।
तोहफ ए ओकूल ,पेंज 226
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