हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाह सिस्तानी ने शादी से पहले होने वाली बातचीत और महरम होने से संबंधित एक सवाल का जवाब दिया है। जिसे रूची रखने वालो के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
शादी के लिए चुने गए व्यक्ति से बातचीत करने का शरीयत के अनुसार क्या हुक्म है?
सवाल: क्या शादी के लिए चुने गए व्यक्ति से एक-दूसरे को बेहतर ढंग से जानने और आपसी पहचान बढ़ाने के लिए बातचीत करना जायज़ है?
जवाब: अगर दोनों निगाह और बातचीत में पवित्रता और पाकदामनी का ध्यान रखें और इस बात का भरोसा हो कि वे गुनाह में नहीं पड़ेंगे, तो ऐसी बातचीत में कोई हरज नहीं है। लेकिन मज़ाक करना तथा अनैतिक या प्रेमपूर्ण बातचीत में पड़ना हराम है। अलबत्ता, शरीयत के अनुसार निकाह का अक़्द हो जाने के बाद ये सभी बातें जायज़ हो जाती हैं।
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