बुधवार 16 सितंबर 2026 - 04:32
कर्बला का सबसे क़रीब रास्ता

इमाम हादी (अ) ने एक रिवायत में हज़रत अब्दुल अज़ीम हसनी (अ) की ज़ियारत की फ़ज़ीलत और उनके स्थान का उल्लेख किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “मीज़ानुल हिकमा” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام هادی علیه‌السلام:

أَمَا إِنَّکَ لَوْ زُرْتَ قَبْرَ عَبْدِ الْعَظِیمِ عِنْدَکُمْ لَکُنْتَ کَمَنْ زَارَ الْحُسَیْنَ بْنَ عَلِیٍّ عَلَیْهِ السَّلَامُ.

इमाम हादी (अ) ने फ़रमाया:

“जान लो कि यदि तुम अपने शहर में हज़रत अब्दुल अज़ीम की क़ब्र की ज़ियारत करो, तो तुम ऐसे व्यक्ति के समान होगे जिसने हुसैन बिन अली (अ) की ज़ियारत की हो।”

मीज़ानुल हिकमा, हदीस संख्या 7984

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