शुक्रवार 18 सितंबर 2026 - 05:36
एक-दूसरे के लिए मग़फ़ेरत की दुआ करना

इमाम-ए-जमाना (अ) ने एक रिवायत में मोमिनों के एक-दूसरे के लिए मग़फ़ेरत की दुआ करने के महत्व और खास शियो की एक निशानी का उल्लेख किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत “मुस्तदरकुल वसाइल” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام زمان عجل‌الله‌تعالی‌فرجه‌الشریف:

یَا ابْنَ الْمَهْزِیَارِ! لَوْلَا اسْتِغْفَارُ بَعْضِکُمْ لِبَعْضٍ، لَهَلَکَ مَنْ عَلَیْهَا، إِلَّا خَوَاصَّ الشِّیعَةِ الَّتِی تَشْبَهُ أَقْوَالُهُمْ أَفْعَالَهُمْ.

इमाम-ए-जमाना (अ) ने फ़रमाया:

“ऐ इब्ने महज़यार! अगर तुममें से कुछ लोग एक-दूसरे के लिए मग़फ़ेरत की दुआ न करते, तो धरती पर रहने वाले सभी लोग हलाक हो जाते, सिवाय उन खास शियो के, जिनकी बातें उनके कर्मों के अनुरूप होती हैं।”

मुस्तदरकुल वसाइल, भाग 5, पेज 247, हदीस 5795

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