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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 61
धार्मिकपश्चिम और महदीवाद (भाग - 1)
मुक्तिदाता के आने और न्याय के प्रसार, ज़ुल्म के खिलाफ़, आदि जैसी विशेषताओ के बीच के संबंध ने हर धर्म के लोगों को हमेशा अपने मुक्तिदाता के आने में रूचि रखने पर मजबूर किया है। ज़ाहिर है, मुक्तिदाता…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 60
धार्मिकगलत सोच के परिणामो मे मुकाबला कैसे करें ?
हौज़ा/ धार्मिक शिक्षाओं के प्रति बहुत ज़्यादा दुश्मनी के बावजूद, महदीवाद पर विश्वास और ध्यान दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। बौद्धिक और भावनात्मक क्षेत्रों में बढ़ती दिलचस्पी और ज़रूरत की भावना, जबकि…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 59
धार्मिकइमाम के उत्तराधिकारी होने के झूठे दावेदार
हौज़ा / यह बात निश्चित है कि जितना कोई विश्वास सच्चाई के करीब होता है और लोगों के दिलों में जगह बना लेता है, उतना ही अधिक स्वार्थी लोग उसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। “महदीवाद” की शिक्षा…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 58
धार्मिकइमाम महदी (अलैहिस्सलाम) के ज़ोहूर से पहले के विद्रोह
हौज़ा/ कुछ लोगों ने कुछ रिवायतो का हवाला देते हुए माना है कि इमाम-ए-वक़्त (अ) के ज़ोहूर से पहले ज़ालिम शासकों के खिलाफ़ कोई भी आंदोलन मना है; इसलिए, वे न्याय की किसी भी मांग का विरोध करते हैं…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 57
धार्मिकहज़रत महदी (अलैहिस्सलाम) की तौक़ीआत
हौज़ा / मसलों को तय करने और शक दूर करने का एक तरीका गाइडेंस लेना और हज़रत महदी (अलैहिस्सलाम) के भरोसेमंद लोगों को लिखे गए साइन और मैन्युस्क्रिप्ट से फ़ायदा उठाना है।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 56
धार्मिकइमाम अलैहिस्सलाम को पहचानने के तरीक़े
हौज़ा / अल्लाह के सामने बंदों का एक ज़रूरी फ़र्ज़ उस मुक़द्दस वुजूद को जानना है। यह जानकारी तब पूरी होती है जब वे अल्लाह के नबियों को - खासकर पैग़म्बर (सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेहि वसल्लम) को -…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 55
धार्मिकमहदीवाद की चर्चा में सुन्नियों और शियाो के बीच समानताएं
हौज़ा / सुन्नियों ने कई रिवायतो में "महदीवाद के विचार" की सच्चाई का ज़िक्र किया है। हालांकि कुछ मामलों में शिया विश्वास से मतभेद होने के बावजूद कई समानताएं भी हैं।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 54
धार्मिकसुन्नी सोर्स मे महदीवाद
हौज़ा / सुन्नी रिवायतों की किताबों के रिव्यू से पता चलता है कि इन सोर्स में भी महदीवाद के बारे में अक्सर ज़िक्र होता है। सुन्नी सोर्स में बिखरी हुई (पराकंदा) कई रिवायतों के अलावा, सुन्नी विद्वानों…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 53
धार्मिककुरआन मे महदीवाद (अंतिम भाग)
हौज़ा / कुरआन की आयतों के कभी-कभी कई मतलब होते हैं। एक मतलब तो ज़ाहिरी और आम लोगों के समझने लायक होता है, और दूसरा अंदरूनी और गहरा मतलब होता है, जिसे आयत का “बतन” कहा जाता है। इस छिपे हुए मतलब…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 52
धार्मिककुरआन मे महदीवाद (भाग -4)
हौज़ा/ खुदा ने ज़मीन पर हुकूमत, दीन और मज़हब की श्रेष्ठता और पूर्ण शांति का वादा मोमिनों और नेक लोगों के एक गिरोह से किया है। लेकिन इस गिरोह से मुराद कौन लोग हैं, इस बारे में मुफस्सिरों में…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 51
धार्मिककुरआन मे महदीवाद (भाग -3)
हौज़ा / क़ुरआन करीम की कुछ आयतें इस बात की ओर संकेत करती हैं कि कमज़ोर (मुस्तज़ऐफ़ीन) लोगों को ज़ालिम और घमण्डी लोगों पर जीत मिलेगी, और अंत में दुनिया उन्हीं योग्य और अच्छे लोगों की होगी।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 50
धार्मिककुरआन मे महदीवाद (भाग -2)
हौज़ा / सिर्फ़ "कमज़ोरी" दुश्मनों पर जीत और ज़मीन पर हुकूमत पाने का कारण नहीं है, बल्कि ईमान और क़ाबिलियत हासिल करना भी ज़रूरी है। दुनिया के कमज़ोर लोग जब तक ये दो चीज़ें (ईमान और क़ाबिलियत)…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 49
धार्मिककुरआन मे महदीवाद (भाग -1)
हौज़ा / क़ुरआन ने सामान्य तौर पर ज़ाहिर होने और हज़रत महदी (अ) के क़याम अर्थात आंदोलन के बारे में चर्चा की है और हुकूमत अदले जहानी की स्थापना तथा नेक लोगों की विजय की बधाई दी है। शिया मुफ़स्सिरों…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 48
धार्मिकइंतेज़ार करने वालो के विशेष कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ
हौज़ा / आजकल ऐसे लोग कम नहीं हैं जो कुछ कारणों से उस इमाम ए ग़ायब में विश्वास नहीं करते और उनकी याद को सामने नहीं रखते तथा इस रास्ते में हर तरह का काम करते हैं। चूँकि संकटों और मुसीबतों में…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 47
धार्मिकइंतेज़ार करने वालो के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ
हौज़ा / इंतेज़ार करने वालो के कर्तव्य और ज़िम्मेदारियाँ सिर्फ ग़ैबत के दौर के लिए नहीं हैं; शायद उनका ज़िक्र ग़ैबत के वक़्त के कर्तव्य में ताक़ीद के लिए किया गया है।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 46
धार्मिकहज़रत महदी (अ) के सच्चे चाहने वालों का दर्जा और सम्मान
हौज़ा / इंतेज़ार के आसार जो लोगों पर खास हालात है, अगर वे हक़ीक़ी इंतेज़ार करने वाले हों, तो वे बहुत ही अहम और बहूमूल्य स्थान और सम्मान रखते हैं।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 45
धार्मिकशिया संस्कृति में इंतेज़ार का स्थान (भाग -4)
हौज़ा / इ़ंतेज़ार करने से कर्तव्य खत्म नहीं होता और न ही काम को टालने की अनुमति मिलती है। धर्म के कर्तव्यों में ढील और उनका उत्साहपूर्वक पालन न करना बिलकुल उचित नहीं है।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 44
धार्मिकशिया संस्कृति में इंतेज़ार का स्थान (भाग -3)
हौज़ा / इंतज़ार का मतलब है उस भविष्य का बेसब्री से इंतज़ार करना जिसमें एक दिव्य समाज के सभी गुण हों, और इसका एकमात्र उदाहरण अल्लाह के आखरी ज़ख़ीरे की हुकूमत का दौर है।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 43
धार्मिकशिया संस्कृति में इंतेज़ार का स्थान (भाग -2)
हौज़ा / धार्मिक शिक्षाएँ इस बात पर जोर देती हैं कि सिर्फ़ «सामाजिक राहत» और «सामाजिक सुधार» और «भविष्य की आशा» का ज़िक्र करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इंसान को निराशा से भी दूर रहना चाहिए।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 42
धार्मिकशिया संस्कृति में इंतेज़ार का स्थान (भाग -1)
हौज़ा / "जो चीज़ इंसान को ज़िंदगी में उम्मीद देती है और उसकी परेशानियों और दुखों को आसान बना देती है, वह है आने वाले उज्जवल और तरक्की वाले कल की उम्मीद, जिसमें उसकी हर ज़रूरी शारीरिक और मानसिक…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 41
धार्मिकइमाम ज़माना अलैहस्सलाम की मोहब्बत के उदाहरण
हौज़ा / इमाम अपने अनुयायियों के प्रति अपनी गहरी दया और मोहब्बत के कारण उनसे काफी जुड़ा होता है, और इसी प्यार और दोस्ती की वजह से वह उनके दर्द और तकलीफ में शरीक होता है। यह ऐसे है जैसे एक माँ…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 40
धार्मिकइमाम, इलाही रहमत के अवतार
हौज़ा / इमाम ज़माना (अलैहिस्सलाम) भले ही ग़ायब हैं, लेकिन वह एक रहमत का बादल हैं जो हमेशा बरसता रहता है। वह लोगों के सूखे रेगिस्तान को जीवन और खुशियाँ देता है। जो व्यक्ति इस प्यार के केंद्र से…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 39
धार्मिकविलायत ए फ़क़ीह की दलीले (नक़ली दलीले)-भाग 2
हौज़ा / जिसे फ़कीहों ने विलायत ए फ़क़ीह को साबित करने के लिए बयान किया है: उमर बिन हनज़ला की रिवायत है ।
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 38
धार्मिकविलायत ए फ़क़ीह की दलीले (नक़ली दलीले)
हौज़ा / इमाम महदी (अलैहिस्सलाम) की ग़ैबत के समय, शिया उनके उपासकों को चाहिए कि जो भी नए मसले सामने आएं, वे हदीस के विश्वसनीय रिवायत करने वालों की ओर रुख करें। यह साफ़ है कि मासूम इमामों (अलैहिस्सलाम)…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 37
धार्मिकविलायत ए फ़क़ीह की दलीले (अक़ली दलीले)
हौज़ा / विलायत ए फ़क़ीह की दलीलो को दोनों दृष्टिकोणों से समझाया जा सकता है: अक़्ल और नक़्ल। इसका मतलब है कि अक़्ल भी मुसलमान को ग़ैबत के समय फ़क़ीह की आज्ञा का पालन करने का आदेश देती है, और इस्लामी…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 36
धार्मिकग़ैबत ए क़ुबरा मे उम्मत का मार्गदर्शन
हौज़ा / बारहवें इमाम (अ) के ग़ायब होने के बाद, उम्मत के मार्गदर्शन और इमामत की ज़िम्मेदारी किसकी है? क्या कोई व्यक्ति या एक से अधिक व्यक्ति उम्मत पर विलायत रखता है? अगर विलायत रखता है, तो उसका…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 35
धार्मिकइमाम महदी अलैहिस्सलाम की ग़ैबत कैसी है?
हौज़ा / इमाम महदी अलेहिस्सलाम की ग़ैबत कैसी है? क्या इमाम महदी अलैहिस्सलाम का शरीर लोगों की नज़र से छुपा है? या उनका शरीर दिखाई देता है, लेकिन कोई उन्हें पहचान नहीं पाता?
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग - 34
धार्मिकइमाम महदी (अलैहिस्सलाम) से मिलने और उनकी ख़िदमत में हाज़री का अवसर
हौज़ा / इमाम महदी (अलैहिस्सलाम) से लोगों का मिलना निश्चित है। वहीं, जो लोग ग़ैबत क़ुबरा के दौरान खुद को इमाम के खास प्रतिनिधि या दूत बताते हैं और उनके और लोगों के बीच मध्यस्थता का दावा करते हैं,…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग -33
धार्मिकअस्र-ए ग़ैबत-ए कुबरा में इमाम महदी (अलैहिस्सलाम) का आवास स्थल
हौज़ा / अगर ग़ैबत के विषय में इमाम (अलैहिस्सलाम) के ठिकाने, उनके खाने-पीने जैसी बातें छुपी रहें, तो इससे कोई शक या संदेह पैदा नहीं होता। जैसे कि इन बातों का पता चलना या न चलना, ग़ैबत की…
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आदर्श समाज की ओर (इमाम महदी अलैहिस्सलाम से संबंधित श्रृंखला) भाग -32
धार्मिकइमामत का सिस्टम, इलाही और कभी समाप्त ना होने वाला सिस्टम है
हौज़ा / इमामत का सिस्टम अल्लाह का सिस्टम का बनाया हुआ सिस्टम है, जो कभी खत्म नहीं होता और इसमें कोई रुकावट या खाली समय नहीं आता। हर समय और हर युग में यह सिस्टम मौजूद रहा है; पैगम्बर (स) के समय…