हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "अल-मुक़नआ" पुस्तक से लिया गया है। इस कथन का पाठ इस प्रकार है:
:قال الامام الصادق علیہ السلام
مَا أَتَی قَبْرَ الْحُسَیْنِ بْنِ عَلِیٍّ عَلَیْهِ السَّلَامُ مَکْرُوبٌ قَطُّ إِلَّا فَرَّجَ اللَّهُ تَعَالَی کُرْبَتَهُ وَقَضَی حَاجَتَهُ.
हज़रत इमाम जफार सादीक अ.स.ने फरमाया:
हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कब्र मुबारक पर कोई भी परेशान हाल आदमी हाज़िर नहीं हुआ मगर यह की अल्लाह तआला ने उसकी मुश्किलात दूर फरमाई और उसकी हाजत पूरी कर दी।
अल-मुक़नआ,भाग 1,पेज 468
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