हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम नासिर ख़लज ने कहा कि अरबईन का महान आंदोलन केवल एक इबादत नहीं, बल्कि इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रति प्रेम,आशूरा की याद को जीवित रखने और कर्बला के न्याय तथा ज़ुल्म-विरोध के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुँचाने का माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आशूरा के दिन इमाम हुसैन अ.स. ने कुछ ही घंटों में जो महान बलिदान दिया, उसकी महत्ता इतनी विशाल है कि अल्लाह ने उसकी स्मृति को जीवित रखने के लिए ज़ियारत-ए-अरबईन का आदेश दिया।
उन्होंने बताया कि इमाम हसन अस्करी (अ.स.) ने ज़ियारत-ए-अरबईन को सच्चे मोमिन की पहचान बताया है। यह ज़ियारत पास या दूर, कहीं से भी की जा सकती है और दुनिया भर के इमाम हुसैन (अ.स.) के चाहने वालों के दिलों को एक-दूसरे से जोड़ती है।
ख़लज ने कहा कि ज़ियारत-ए-अरबईन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य आशूरा की याद को जीवित रखना और इंसान के दिल में इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रति प्रेम को इतना बढ़ाना है कि वह सच्चे इश्क़ और समर्पण में बदल जाए।
उन्होंने कहा कि आशूरा के दिन इमाम हुसैन (अ.स.) के साथियों ने अपने इमाम की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। सांसारिक मामलों में इंसान सीमाएँ तय करता है, लेकिन आध्यात्मिक जीवन में जितनी अधिक पहचान, प्रेम और अल्लाह तथा उसके नेक बंदों से निकटता होगी, उतनी ही अधिक उसका मूल्य होगा।
उन्होंने क़ुरआन की आयत "क़ुल ला अस्अलुकुम अलैहि अज्रन इल्लल-मवद्दता फ़िल-क़ुर्बा" का उल्लेख करते हुए कहा कि मवद्दत वह प्रेम है जिसके लिए इंसान अपने समय, शक्ति, विचार और प्राण तक न्योछावर करने को तैयार हो।
उन्होंने बताया कि जब इमाम अली (अ.स.) सिफ़्फ़ीन के युद्ध के दौरान कर्बला पहुँचे, तो उन्होंने वहाँ की मिट्टी उठाकर कहा कि यही वह भूमि है जहाँ इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रेमी शहीद होंगे। यह कर्बला के आध्यात्मिक महत्व का प्रमाण है।
ख़लज ने कहा कि इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) इमाम हुसैन (अ.) के ज़ायरीन के लिए विशेष दुआ करते थे। रिवायतों में है कि उन्होंने उन चेहरों, दिलों, आँसुओं, शरीरों और रूहों के लिए रहमत, बरकत और सलामती की दुआ की जो इमाम हुसैन (अ.स.) की मोहब्बत में ज़ियारत के लिए निकलते हैं।
उन्होंने कहा कि ज़ियारत-ए-अरबईन का एक बड़ा उद्देश्य आशूरा के संदेश को पूरी दुनिया तक पहुँचाना है। अरबईन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि न्याय, अत्याचार के विरोध और सत्य की रक्षा का वैश्विक संदेश है।
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