हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत “बिहार उल अनवार” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام صادق علیهالسلام:
إِنَّ الْمُعَلِّمَ إِذَا قَالَ لِلصَّبِیِّ: قُلْ: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِیمِ، فَقَالَ الصَّبِیُّ: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِیمِ، کَتَبَ اللَّهُ بَرَاءَةً لِلصَّبِیِّ، وَبَرَاءَةً لِلْمُعَلِّمِ، وَبَرَاءَةً لِأَبَوَیْهِ مِنَ النَّارِ.
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:
“जब शिक्षक बच्चे से कहता है कि कहो: ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’, और बच्चा भी ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’ कहता है, तो अल्लाह तआला उस बच्चे के लिए, शिक्षक के लिए और उसके माता-पिता के लिए जहन्नम से मुक्ति का एक-एक परवाना लिख देता है।”
बिहार उल अनवार, भाग 92, पेज 257
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