गुरुवार 8 अक्टूबर 2026 - 05:38
दिन की हदीस । क्षणभर की नफ़्सानी इच्छा लंबे समय के दुख का कारण

पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) ने एक रिवायत में क्षणिक सांसारिक इच्छाओं और उनसे पैदा होने वाले लंबे समय के दुख के दुष्परिणाम से सावधान किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘अल-आमाली’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

رسول خدا صلی‌الله‌علیه‌وآله:

رُبَّ شَهْوَةِ سَاعَةٍ تُورِثُ حُزْنًا طَوِیلًا.

रसूले ख़ुदा हज़रत मुहम्मद (स.) ने फ़रमाया:

“कई बार क्षणभर की नफ़्सानी इच्छा लंबे समय के दुख का कारण बन जाती है।”

आमाली-ए-तूसी, पेज 533, हदीस 1162।

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