हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत वसाइल उश शिया कितब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امام صادق علیهالسلام:
مَنْ سَاءَتْهُ سَیِّئَتُهُ وَسَرَّتْهُ حَسَنَتُهُ فَهُوَ الْمُؤْمِنُ.
इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) ने फ़रमाया:
“जिस व्यक्ति को अपनी बुराई पर दुख हो और अपनी अच्छाई पर खुशी हो, वही मोमिन है।”
वसाइल उश शिया, भाग 16, पेज 92।
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