रविवार 27 सितंबर 2026 - 05:05
दिन की हदीस | बुराई के प्रति जिम्मेदारी

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक हदीस में बुराई के प्रति इंसान की जिम्मेदारी और उसे दिल, हाथ और ज़बान से रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘तहज़ीबुल अहकाम’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امیرالمؤمنین علیه‌السلام:

مَنْ تَرَکَ إِنْکَارَ الْمُنْکَرِ بِقَلْبِهِ وَیَدِهِ وَلِسَانِهِ فَهوَ مَیِّتٌ بَیْنَ الْأَحْیَاءِ.

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:

“जो व्यक्ति दिल, हाथ और ज़बान से बुराई को रोकने का प्रयास नहीं करता, वह जीवित लोगों के बीच एक मुर्दे के समान है।”

तहज़ीबुल अहकाम, भाग 6, पेज 181।

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