हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत वसाइल उश शिया नामक पुस्तक से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین علیهالسلام:
تَجَرَّعِ الغَیظَ؛ فَإنِّی لَم أرَ جُرعَةً أحلی مِنها عاقِبَةً ولا ألَذَّ مَغَبَّةً.
अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:
“क्रोध को पी जाओ, क्योंकि मैंने ऐसा कोई घूंट नहीं देखा, जिसका परिणाम इससे अधिक सुखद और जिसका अंत इससे अधिक आनंददायक हो।”
वसाइल उश शिया, भाग 7, पेज 388।
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