गुरुवार 24 सितंबर 2026 - 04:56
दिन की हदीस । कंजूसी और दिल की कठोरता

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने एक रिवायत में कंजूस लोगों को देखने और उनके साथ उठने-बैठने के मनुष्य के दिल और आत्मा पर पड़ने वाले प्रभाव की ओर इशारा किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امیرالمؤمنین علیه‌السلام:

النَّظَرُ إِلَی الْبَخِیلِ یُقْسِی الْقَلْبَ.

अमीरुल मोमिनीन हज़रत अली (अ) ने फ़रमाया:

"कंजूस व्यक्ति को देखना दिल को कठोर और अंधकारमय बना देता है।"

बिहार उल अनवार, भाग 75, पेज 53।

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