हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘मुस्तदरकुल वसाइल’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
رسول خدا صلیاللهعلیهوآله:
مَنْ آذَی وَالِدَیْهِ فَقَدْ آذَانِی، وَمَنْ آذَانِی فَقَدْ آذَی اللَّهَ، وَمَنْ آذَی اللَّهَ فَهُوَ مَلْعُونٌ.
रसूले ख़ुदा (स) ने फ़रमाया:
“जो व्यक्ति अपने माता-पिता को कष्ट देता है, उसने मुझे कष्ट दिया और जिसने मुझे कष्ट दिया, उसने अल्लाह को कष्ट दिया और जिसने अल्लाह को कष्ट दिया, वह शापित है।”
मुस्तदरकुल वसाइल, भाग 15, पेज 193।
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