बुधवार 23 सितंबर 2026 - 05:13
दिन की हदीस | बच्चों को धार्मिक शिक्षा देना

इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में बच्चों को “बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम” सिखाने की फ़ज़ीलत और बच्चे, शिक्षक तथा माता-पिता के लिए इसके सवाब का उल्लेख किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी  के अनुसार निम्नलिखित रिवायत “बिहार उल अनवार” किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام صادق علیه‌السلام:

إِنَّ الْمُعَلِّمَ إِذَا قَالَ لِلصَّبِیِّ: قُلْ: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِیمِ، فَقَالَ الصَّبِیُّ: بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِیمِ، کَتَبَ اللَّهُ بَرَاءَةً لِلصَّبِیِّ، وَبَرَاءَةً لِلْمُعَلِّمِ، وَبَرَاءَةً لِأَبَوَیْهِ مِنَ النَّارِ.

इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) ने फ़रमाया:

“जब शिक्षक बच्चे से कहता है कि कहो: ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’, और बच्चा भी ‘बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम’ कहता है, तो अल्लाह तआला उस बच्चे के लिए, शिक्षक के लिए और उसके माता-पिता के लिए जहन्नम से मुक्ति का एक-एक परवाना लिख देता है।”

बिहार उल अनवार, भाग 92, पेज 257

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