हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत ‘तनबीहुल ख़वातिर’ किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
رسول خدا صلیاللهعلیهوآله:
مَنْ عَیَّرَ أَخَاهُ بِذَنْبٍ قَدْ تَابَ مِنْهُ لَمْ یَمُتْ حَتَّی یَعْمَلَهُ.
रसूले ख़ुदा (स) ने फ़रमाया:
“जो व्यक्ति अपने भाई को ऐसे गुनाह पर लताड़े, जिससे वह तौबा कर चुका है, वह उस समय तक नहीं मरेगा जब तक स्वयं उस गुनाह को अंजाम न दे।”
तनबीहुल ख़वातिर, भाग 1, पेज 113।
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