हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई से पूछे गए सवाल का जवाब दिया हैं।जो शरई मसाईल में दिलचस्पी रखते हैं,उनके लिए यह बयान किया जा रहा हैं।
सवाल: उस लड़के और लड़की के घर वालों की खबर के साथ टेलीफोन पर संपर्क रखना, और बातें करना कि जिन की आपस में मंगनी हो चुकी हैं ताकी शादी के फैसले के लिए दूसरे को अच्छी तरीके से पहचान सके, क्या हुक्म रखता हैं?
उत्तर: जब तक सही शरई तरीके से अकद ना पढ़ा जाए वह दोनों ना मेहरम हैं,
इसलिए यदि आनंद( लज़्ज़त) का कोई इरादा नहीं है और किसी बुराई में न पड़ने की संतुष्टि है तो कोई हर्ज़ नहीं है वरना जायज़ नहीं हैं।
हौज़ा/उस लड़के और लड़की के घर वालों की खबर के साथ टेलीफोन पर संपर्क रखना, और बातें करना कि जिन की आपस में मंगनी हो चुकी हैं ताकी शादी के फैसले के लिए दूसरे को अच्छी तरीके से पहचान सके, क्या हुक्म रखता हैं?
-
शरई अहकाम । अरबईन मार्च में महिलाओं की शिरकत
हौज़ा/अगर शरई नियमों और संबंधित कानूनों का पालन किया जाए तो महिलाओं को अरबईन मार्च और उसके अन्य अनुष्ठानों में भाग लेने में कोई समस्या नहीं हैं।
-
:शरई अहकम
फ़ज़ायल व मसाएब में ज़बाने हाल के नाम से कुछ बयान करने का हुक्म
हौज़ा/अगर ये बात साफ़ हो कि बोलने वाला वह बात ज़बाने हाल से बयान कर रहा है और वह अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के शायाने शान भी हो तो कोई हरज नहीं हैं।
-
शरई अहकाम:
कागज़ पर सजदा
हौज़ा/वह कागज़ जो लकड़ी और पौधों, रुई ,और कपास के अलावा से तैयार किया गया हो उस पर सजदा सही हैं।
-
: अख़्लाक़ी पाठ
रहम दिली व मोहब्बत से समाज का माहौल जन्नत बन जाएगा
हौज़ा/हमारी रिवायतों में आया है कि मोमिन एक दूसरे के साथ आपस में रहमदिली व मोहब्बत से पेश आते हैं यानी आपस में एक दूसरे पर रहम करते और एक दूसरे से मोहब्बत…
-
शरई अहकाम:
रहस्य उजागर करना / क्या घरेलू मुद्दों की निजता, खासकर पति-पत्नी के बीच की गोपनीयता किसी दूसरे के साथ शेयर कर सकते है?
हौज़ा / अतः यदि किसी ने बड़ा पाप किया है, तो उसके भेद को प्रकट करना जायज़ नहीं है, जब तक कि वह उसके व्यभिचार को प्रकट न करे।
-
हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी का फ़तवाः
शरई अहकाम: ज़ालिम शासक की राजनीति के खिलाफ शांति पूर्वक प्रदर्शन करना?
हौज़ा/क्या एक अत्याचारी की राजनीति पर शांति और सकून के साथ प्रदर्शन करना जायज़ है जिसका वजीफा एक दीनी हैं? और यह देखते हुए कि आपत्ति के अन्य तरीके उपयोगी…
-
शरई अहकम:
टाई और गाउन पहनने का क्या हुक्म है?
हौज़ा/टाई और टाई जैसी चीज़ें पहनना जायज़ नहीं हैं, अगर वह काम गैर मुसलमानों की संस्कृति और पश्चिमी विरोधी संस्कृति को बढ़ावा देती हैं और वह हुक्म केवल…
-
शरई अहकाम । वस्वासी शख़्स का फ़रीज़ा
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने वस्वासी शख़्स के फ़रीज़े से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया…
-
शरई अहकाम:
डांस (नाच)की वीडियो देखना
हौज़ा/नाच और डांस की वीडियो जो कि हराम म्यूज़िकी पर मुश्तमिल होती हैं या शहवत धड़काने का सबब बनती है उसको देखना जायज़ नहीं हैं।
-
शरई अहकाम:
सूखे हुए ज़ख्म के साथ वज़ू करना
हौज़ा/वह मवाद जो ज़ख्म ठीक होते वक्त इस पर बनती हैं, यदि यह पता नहीं चलता है कि यह खून में मिला हुआ है या नहीं, तो यह पाक है और वज़ू के लिए कोई हर्ज़ नहीं…
-
हज़रत फ़ातेमा ज़हरा के जन्म दिवस पर शायरों और अहलेबैत के मद्दाहों की सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात/फोंटों
हौज़ा/आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने इस मुलाक़ात में अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम की मदह के सभी पहलुओं के ख़ूबसूरत होने पर ताकीद करते हुए इसे शियों की विरासत और…
-
मुस्लिम कानून के तहत नाबालिग भी कर सकते हैं शादी
हौज़ा/मुस्लिम कानून के तहत नाबालिग भी कर सकते हैं शादी केरल हाईकोर्ट ने किया साफ यह एक्ट एक विशेष कानून है यह विशेष रूप से बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा…
-
शरई अहकाम:
पति और पत्नी जो एक दूसरे के पास उपहार और अमानत ए रखी थी तलाक के बाद इसका क्या हुक्म हैं?
हौज़ा/वह उपहार जो पति-पत्नी एक दूसरे को देते हैं अगर वह बाकी बचे हो तो वापस ले सकते हैं मगर यह कि वह आपस में खूनी रिश्तेदार हो,या कुर्बतन इल्लाह उपहार…
-
आयतुल्लाह आराफी की मौजूदगी में "मतीना" सॉफ़्टवेयर का अनावरण/जदीद टेक्नोलॉजी के माध्यम से शरई मसाईल का हल
हौज़ा / क़ुम अलमुकद्देस में आयतुल्लाह आराफी की मौजूदगी में शरीअत से जुड़े सवालों के जवाब के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित सॉफ़्टवेयर "मतीना" का…
-
शरई अहकाम । नक़ली बालों की स्थिति में ग़ुस्ल का हुक्म
हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई से पूछे गए सवाल,नक़ली बालों की स्थिति में ग़ुस्ल का हुक्म, के बारे में जवाब दिया हैं।
-
शरई अहकम:
खुम्स आदा ना करने वाले के माल का इस्तेमाल
हौज़ा/कोई हर्ज नहीं है, हालांकि, अगर अमर बिलमरूफ नाही अनील मुनंकर की शर्तें मौजूद हों, तो उसे ख़ुम्स का भुगतान करने की सलाह देना आवश्यक हैं।
-
शरई अहकाम:
आईयूडी का प्रयोग
हौज़ा: अगर वीर्य गर्भ में ठहर जाने के बाद बर्बाद होने या हराम निगाह और छूने का सबब हो तो जायज़ नहीं हैं अन्यथा इसमें कोई हर्ज नहीं हैं।
-
:शरई अहकम
ख़रीदारी एजेंट की तरफ़ से ख़रीदारी के फ़ायदे में से कमीशन लेने का हुक्म
हौज़ा/उस माल (कमीशन) का जो कुछ मालिक, ऑफ़िसों या कंपनियों के ख़रीदारी एजेंट को, निर्धारित क़ीमत में बढ़ाए बिना, संपर्क बनाने की वजह से देते हैं, मालिक…
-
रमज़ान में शिया हेल्पलाइन शुरू
हौज़ा / मौलाना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि रमज़ान के महीने की अहमियत और फ़ज़ीलत अनगिनत हैं, क्योंकि रोज़ा, नमाज़ और इबादत के दूसरे कामों को सही और उचित…
-
शरई अहकामः
शरई अहकाम । लड़के और लड़कियो की हिजाब के साथ मिश्रित कार्यक्रमों में भागीदारी
हौज़ा / हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा हाफ़िज़ शेख बशीर हुसैन नजफ़ी नेन" लड़के और लड़किया हिजाब के साथ की मिश्रि क्रार्यक्रमो में भाग" लेने से संबंधित एक प्रश्न…
-
शरई अहकाम:
अगर कोई हमसे किसी आदमी के अख्लाक के बारे में सवाल करे तो क्या जवाब देना ग़ीबत हिसाब होगा,
हौज़ा/अगर वह किसी खास अम्र में मशवेरा करना चाहता है जैसे शादी वगैरा तो इन मौके में इसकी ग़ीबत करना जायज़ हैंं।
-
शरई अहकाम:
क्या ऐसे आदमी के साथ शादी करना जायज़ है जो नमाज़ नहीं पड़ता?
हौज़ा/फासिक, आदमी के साथ शादी करना मकरूह हैं और जो आदमी नमाज़ नहीं पड़ता और खुल्लम-खुल्ला फिस्क व फोजूर करने वाला शुमार किया जाए
-
शरई अहकाम:
औरतों के कपड़ों की डिज़ाइनिंग और उन्हें बेचने के बारे में क्या हुक्म हैं?
हौज़ा/बुनियादी तौर पर ख़ुद अपनी जगह कोई हरज नहीं है लेकिन पश्चिम की ओछी संस्कृति से प्रेरित डिज़ाइनों को, जो शर्म और पाकदामनी के ख़िलाफ़ हैं, फैलाना सही…
-
शरई अहकामः
हराम विवाह / कुछ मामलों में व्यक्तियों की सहमति के बाद भी विवाह हराम है
हौज़ा / कुछ लोग सोचते हैं कि शादी करने का मैआर लोगों की सहमति पर निर्भर है, जबकि कुछ मामलों में लोगों की इच्छा होने पर भी शादी करना मना है।
-
शरई अहकाम । सौदा हो जाने के बाद एक्सट्रा पैसे लेने का हुक्म
हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई से पूछे गए सवाल,सौदा हो जाने के बाद एक्सट्रा पैसे लेने के हुक्म, के बारे में जवाब दिया हैं।
-
शरई अहकाम । मजलिस में तमाम लोगों को सलाम करना
हौज़ा/सलाम करना हर हाल में अपने आप में मुस्तहब हैं, (और सवाल के मसले में एक आदमी का जवाब देना काफी होता हैं) और ऐसे आदमी को सलाम करना जो नमाज़ की हालत…
-
शरई अहकाम:
ग़ैर अख्लाकी और अश्लील मतालीब पढ़ना
हौज़ा/इस किस्म कि बातों से बचना अनिवार्य है जिनमें फसाद और बुराई पायी जाती हैं उस सें परहेज़ करना वाजिब हैं।
-
शरई अहकामः
वो जूते जिनके मालिक का पता नहीं
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने वो जूते जिनके मालिक का पता ना हो से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब…
-
आले मुहम्मद के मिशन के लिए अपना जीवन देना हमारे लिए एक सम्मान की बात हैः अल्लामा सिब्तैन सब्ज़वारी
हौज़ा / एसयूसी पाकिस्तान के उपाध्यक्ष का कहना है कि मैं स्पष्ट कर रहा हूं कि भविष्य में भी मुझे डर है कि कहीं कोई हमला न हो जाए. अगर कुछ होता है, तो प्रबंधन…
-
हम अपना इतिहास भूल चुके हैं हिंदुस्तान को किसी की नकल की ज़रूरत नहीं;मोहन भागवत
हौज़ा/आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हमारे इतिहास को पढ़ने और महसूस करने की ज़रूरत हैं,हम चीन, रूस या अमेरिका की नकल करके विकास नहीं कर सकते हैं।
-
शरई अहकम:
अपने पर्सनल काम के लिए कार्यालय का इंटरनेट इस्तेमाल करना
हौज़ा/अपने पर्सनल काम के लिए इंटरनेट का प्रयोग करना जायज़ नहीं है और अगर इंटरनेट का प्रयोग किया है तो उसकी कीमत का खुद जिम्मेदार होगा,हालांकि, अगर यह मालिक…
-
आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी का फ़तवाः
पशुपालन की लागत
हौज़ा / यह खर्च फ़जूलखर्ची के स्तर तक न पहुंचे तो कोई हर्ज नहीं है।
-
शरई अहकम:
दूसरे मुल्क में राजनीतिक शरण लेने का क्या हुक्म है? क्या सीयसी शरण के लिए झूठी कहानी गढ़ना जायज़ हैं?
हौज़ा/गैर इस्लामिक हुकूमत में राजनीतिक शरण लेने में बज़ाते ख़ुद कोई हर्ज नहीं है, सिवाय इसके कि यह भ्रष्टाचार का कारण ना बने लेकिन झूठ और झूठी कहानियों…
-
शरई अहकम:
मरीज़ों की सेवा करने का फल
हौज़ा/इंशाल्लाह इसे शोहदा का महान अज्र मिलेगा, मगर यह युद्ध के मैदान के शहीदों का हुक्म नहीं रखता,
-
शरई अहकामः
नाख़ून लगाने की कमाई
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने नाख़ून लगाने की कमाई से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
-
शरई अहकाम:
क्या एक मुसलमान कुंवारा रह सकता है?
हौज़ा/ इस्लाम में शादी करना वाजिब नहीं है मुस्तहाब है मगर......
-
दरगाहे आलिया बाबुल हवायेज अ०स० बघरा में शरई सवाल और जवाब कैम्प
हौज़ा / मुजफ्फरनगर, दरगाहे आलिया बाबुल हवायेज अ०स० बघरा की सालाना इस्लाही मजालिस का सिलसिला अनजुमन ए आरफी की जानिब से 8 जून से 11 जून तक जारी है!
-
शरई अहकाम । शरीर से मजबूर इंसान के नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा
हौज़ा/ऐसा इंसान खड़े हो कर नमाज़ शुरू करे और अगर मुमकिन हो तो आम हालात की तरह से रुकू करे और सज्दे के लिए कुर्सी पर बैठ जाए और मेज़ वग़ैरा की मदद से, जिसे…
-
दिन की हदीस:
जो मुसलमान औरत अपने हिजाब की पूरी पाबंदी नहीं करती उसकी तरफ देखने और बात करने का क्या हुक्म हैं?
हौज़ा / अगर निगाहें शहवत अंग्रेज़ हो या हराम में पड़ जाने का अंदेशा(डर)हो तो जायज़ नहीं है।
-
शरई अहकाम । क्या मासूमीन के जन्मदिन के जश्न के दौरान सीना ज़नी जायज़ है?
हौज़ा /आयतुल्लाह मकारिम शिराज़ी ने मासूमीन के जन्मदिन के जश्न के दौरान सीना ज़नी के जायज़ होने से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
-
:दिन कि हदीस
हटधर्मी का परिणाम
हौज़ा / हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में हटधर्मी के परिणाम की ओर इशारा किया हैं।
-
शरई अहकामः
शादी के संबंध में शरीयत का क्या हुक्म है?
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली हुसैनी सिस्तानी ने "शादी के संबंध में शरीयत का क्या हुक्म है?" से संबंधित एक सवाल का जवाब दिया है।"
आपकी टिप्पणी