हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई ने पूछे गए सवाल का जवाब दिया हैं।जो शरई मसाईल में दिलचस्पी रखते हैं,उनके लिए यह बयान किया जा रहा हैं।
सवाल: अगर किसी मजलिस में,जैसे कि मस्जिद या इमामबारगाह में जाएं तो सब लोग कुरआन की करआत या नमाज़ में मसरूफ होते हैं क्या इन्हें सलाम करना मुस्तहाब हैं।
उत्तर: सलाम करना हर हाल में अपने आप में मुस्ताहब हैं, (और सवाल के मसले में एक आदमी का जवाब देना काफी होता हैं,) और ऐसे आदमी को सलाम करना जो नमाज़ की हालत में हो, मकरूह हैं।
हौज़ा/सलाम करना हर हाल में अपने आप में मुस्तहब हैं, (और सवाल के मसले में एक आदमी का जवाब देना काफी होता हैं) और ऐसे आदमी को सलाम करना जो नमाज़ की हालत में हो मकरूह हैं।
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मुस्लिम उलेमा परिषद लेबनान के उपाध्यक्ष की हौज़ा न्यूज़ एजेंसी से बातचीत:
जो लोग ज़ायोनीवादियों के साथ सहयोग करते हैं, वे सुन्नियों में से नहीं हैं
हौज़ा / लेबनान के मुस्लिम विद्वान परिषद के उपाध्यक्ष ने कहा: इस्लामी क्रांति के नेता के नेतृत्व में कोई दोष नहीं है। उन्होंने कहा कि जो ज़ायोनी सरकार के…
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शरई अहकाम:
बाप को सलाम न करने वाले बेटे के लिए क्या हुक्म हैं?और अगर बेटा सलाम करें और बाप जवाब ना दे तो उसका क्या वज़ीफा हैं?
हौज़ा / मां-बाप पर एहसान और उनका एहतेराम वाजिब है यहां तक कि अगर वह जवाब ना भी दे आप फिर भी इन्हें सलाम करें।
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शरई अहकाम:
अगर कोई हमसे किसी आदमी के अख्लाक के बारे में सवाल करे तो क्या जवाब देना ग़ीबत हिसाब होगा,
हौज़ा/अगर वह किसी खास अम्र में मशवेरा करना चाहता है जैसे शादी वगैरा तो इन मौके में इसकी ग़ीबत करना जायज़ हैंं।
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जाफ़र सुबहानीः
महिलाओं को इस्लाम नाब का पालन करना चाहिए और हज़रत ज़हरा (स) की ईमानदारी और ज्ञान की एक सुंदर अभिव्यक्ति होनी चाहिए
हौज़ा / यह हमारी महिलाओं की जिम्मेदारी है कि हम इस्लाम नाब का पालन करें, इस मार्ग मे अंधविश्वास और अज्ञानता के आवरण से ढकी हर चीज से दूर रहें, पत्नि और…
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शरई अहकाम:
एक महिला के लिए मजलिस ए अज़ा को बुलंद आवाज़ में संबोधित करना
हौज़ा/अगर उसको फसाद (अनिष्ट) का डर हो तो इसे दूरी अख्तियार करना चाहिए
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शरई अहकम:
क़र्ज़ की जगह बदला लेना
हौज़ा/अगर रद्दे मज़ालिम कि नियत से इसे ज़िम्मेदारी से बरी कर दे! तो आप का ज़िमा भरी हो जाएगा और खबर देना जरूरी नहीं हैं।
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शरई अहकाम:
ग़ैर अख्लाकी और अश्लील मतालीब पढ़ना
हौज़ा/इस किस्म कि बातों से बचना अनिवार्य है जिनमें फसाद और बुराई पायी जाती हैं उस सें परहेज़ करना वाजिब हैं।
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तशाहुद में इक़्तेदा करना
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने तशाहुद मे इक़्तेदा करने से संबधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
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शरई अहकाम:
अगर दांतों पर सोने का खोल चढ़ा हो तो क्या इससे नमाज़ पर कोई असर पड़ेगा?
हौज़ा/नमाज़ सही हैं, लेकिन बिना बर एहतियाते वाजिब सामने के दांतों में सोने का खोल लगाना मर्दों के लिए जाएज़ नहीं हैं।
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रोज़े के अहकाम:
रोज़े की हालत में दांतो की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले धागा का क्या हुक्म है जिसमें फ्लोराइड और पुदीने का मजा आता हैं
हौज़ा/अगर मुंह का पानी (थूक) हलक में ना जाए तो कोई हर्ज नहीं हैं।
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शरई अहकाम:
मस्जिद में दाखिल होते वक्त सलाम करने का क्या हुक्म हैं इसलिए की सलाम करना नमाज़ीयों की तवज्जो हट जाने का सबक बनता हैं।
हौज़ा/बेहतर है कि सलाम ना किया जाए
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:शरई अहकम
फ़ज़ायल व मसाएब में ज़बाने हाल के नाम से कुछ बयान करने का हुक्म
हौज़ा/अगर ये बात साफ़ हो कि बोलने वाला वह बात ज़बाने हाल से बयान कर रहा है और वह अहलेबैत अलैहिमुस्सलाम के शायाने शान भी हो तो कोई हरज नहीं हैं।
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शरई अहकाम:
बोर्डिंग स्कूल में शिक्षा के लिए ठहरने के दौरान नमाज़ का क्या हुक्म हैं?
हौज़ा / किसी शैक्षणिक केन्द्र या हॉस्टल या बोर्डिंग को वतन की हैसियत हासिल नहीं है, अलबत्ता अगर तय कर लिया है कि कम से कम एक साल तक इस तरह ठहरना रहेगा…
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शरई अहकाम:
ग़ैर मुस्लिम औरतों को देखना
हौज़ा / क्या विदेशों की गैर मुस्लिम महिलाओं को उनके कपड़ों की हालात के पेशे नज़र देखना इश्काल रखता है?
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शरई अहकाम:
फोंटो वाले कपड़े में नमाज पढ़ना
हौज़ा/क्या ऐसे लिबास कपड़े के साथ नमाज़ पढ़ना मकरूह है कि जिन पर किसी इंसान या हैवान की फोटो बनी हुई हो, लेकिन फोटो वाले कपड़े किसी दूसरे कपड़े के नीचे…
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शरई अहकाम:
नमाज में इमाम हुसैन (अ) को सलाम देना
हौज़ा: ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने नमाज़ मे इमाम हुसैन (अ) को सलाम देने के संबंध मे पूछे गए सवाल का…
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शरई अहकम:
मरीज़ों की सेवा करने का फल
हौज़ा/इंशाल्लाह इसे शोहदा का महान अज्र मिलेगा, मगर यह युद्ध के मैदान के शहीदों का हुक्म नहीं रखता,
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शरई अहकाम:
नमाज़ के लिए दूसरों को जगाना
हौज़ा/अगर न जगाना नमाज़ को हलका समझने और लापरवाही का सबब बने तो उन्हें जगाना चाहिए।
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शरई अहकाम:
क्या ऐसे आदमी के साथ शादी करना जायज़ है जो नमाज़ नहीं पड़ता?
हौज़ा/फासिक, आदमी के साथ शादी करना मकरूह हैं और जो आदमी नमाज़ नहीं पड़ता और खुल्लम-खुल्ला फिस्क व फोजूर करने वाला शुमार किया जाए
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शरई अहकम:
ग़ैर सैय्यद का कफ्फारह सैय्यद को देना
हौज़ा/कोई हर्ज नही हैं,एहतीयत ए मुस्तहब, इस काम से इज़तेनाब करना हैं।
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शरई अहकाम । अस्थायी निवास स्थान मे नमाज़ और रोज़ा
हौज़ा/ ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने अस्थायी निवास के स्थान मे नमाज़ और रोज़ा के संबंध मे पूछे गए सवाल…
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शरई अहकाम:
अगर नमाज़ के सलाम के लिए फक्त (अस्सलाम वालैकुम व रहमतुल्लाही वा बरकातुहू) को पढ़े तो काफी होगा?
हौज़ा / तमाम मरजय इकराम: जी हां यही सलाम पढ़ लेना काफी है लेकिन बेहतर है पहले दो सलाम को भी अदा करना चाहिए।
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शरई अहकम:
नमाज़ को बातिल करने वाले शक कि सूरत में नमाज़ी की ज़िम्मेदारी
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने नमाज़ को बातिल करने वाले शक कि सूरत में नमाज़ी की ज़िम्मेदारी…
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रोज़े की हालत में दांत निकलवाना और तर लकड़ी से ब्रश करना कैसा हैं?
हौज़ा / रोज़े की हालत में दांत निकलवाना और हर वह काम करना जिसकी वजह से मुंह से खून निकले और तर लकड़ी से ब्रश करना मकरूह हैं।
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शरई अहकाम:
रोज़े की हालत में नाक में दवा डालने का क्या हुक्म हैं?
हौज़ा / नाक में दवा डालना मकरूह हैं,अगर यह न जानता हो कि हल्क तक पहुंचेगी, और अगर यह जानता हो की हालत तक पहुंचेगी तो उसका इस्तेमाल करना जायज़ नहीं हैं।
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शरई अहकाम । अरबईन मार्च में महिलाओं की शिरकत
हौज़ा/अगर शरई नियमों और संबंधित कानूनों का पालन किया जाए तो महिलाओं को अरबईन मार्च और उसके अन्य अनुष्ठानों में भाग लेने में कोई समस्या नहीं हैं।
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शरई अहकाम । नक़ली बालों की स्थिति में ग़ुस्ल का हुक्म
हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई से पूछे गए सवाल,नक़ली बालों की स्थिति में ग़ुस्ल का हुक्म, के बारे में जवाब दिया हैं।
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शरई अहकाम:
क्या मुअज्ज़िन(आज़ान देने वाले) की आज़ान मुकम्मल होने से पहले नमाज़ शुरू की जा सकती हैं?
हौज़ा/अगर नमाज़ का वक्त दाखिल हो जाने का इत्मीनान हो तो जायज़ हैं।
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शरई अहकाम:
ना महरम औरत को सलाम करना कैसा है?
हौज़ा/अगर फित्ने का खौफ,शहवत इंगेज़ ना हो तो ना महरम महिलाओं को सलाम करना जायज़ हैं।
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शरई अहकामः
क़ुरआन की तिलावत में मश़ग़ूलियत के समय यदि कोई सलाम करता है तो क्या उसका उत्तर देना वाजिब है?
हौज़ा / सलाम का जवाब देना वाजिब है, भले ही वह पवित्र कुरान की तिलावत मे मशग़ूल हो।
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शरई अहकाम:
डांस (नाच)की वीडियो देखना
हौज़ा/नाच और डांस की वीडियो जो कि हराम म्यूज़िकी पर मुश्तमिल होती हैं या शहवत धड़काने का सबब बनती है उसको देखना जायज़ नहीं हैं।
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शरई अहकाम:
कुनूत का ज़िक्र ऊंची आवाज़ में पढ़ना
हौज़ा/कुनूत को ऊंची आवाज़ में पढ़ना मुस्ताहब है शिवाय मामूम के लिए (नमाज़े जमाअत में) जबकी उसकी आवाज़ इमामें जमाअत तक पहुंच रही हों
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शरई अहकाम:
क्या औरतों के लिए परदे और ऐसे कपड़ों के साथ जो उनके बदन को छुपा रखे मातमी जुलूस में शिरकत करना जायज़ है?
हौज़ा/महिलाओं के लिए दसतों में शिरकत करना मुनासिब नहीं हैं।
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अज़ादारी ए इमामे हुसैन अ.स. से हमें खुदा की बंदगी का दर्स मिलता है, मौलाना शबीहुल हसन नक़वी
हौज़ा/अल्हम्दुलिल्लाह अज़ादारी इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का सदका है, आज हमारी कौम के नौजवान मस्जिदों में नमाज़ कि सफ में भी नज़र आते हैं। और मातम जुलूस में…
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शरई अहकाम:
शुक्रवार के दिन देर से ज़ोहोर की नमाज़ पढ़ना
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने शुक्रवार के दिन देर से ज़ोहोर की नमाज पढ़ने से संबंधित सवाल का…
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:दिन कि हदीस
सबसे बदतरीन गुनाह
हौज़ा/हज़रत इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में सबसे बदतरीन गुनाह की ओर इशारा किया हैं।
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शरई अहकाम:
विरासत से महरूम करना
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने विरासत से महरूम करने के संबंध मे पूछे गए सवाल का जबाव दिया है।
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शरई अहकाम:
अगर पत्नी को ज़बानी झगड़े के नतीजे में बाप के घर भेज दिया जाए तो क्या उस सूरत में उसका और बच्चों का नफ्क़ा देना शौहर (पति) पर वाजिब है?
हौज़ा / उस सूरत में बीवी का नफ्क़ा वाजिब नहीं हैं, जब तक की बीवी का शौहर की नाफरमानी करना शरियत में जायज़ ना हो, लेकिन बच्चे के खर्च पिता को अदा करना होगा।
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:दिन कि हदीस
सलाम करने की बरकत
हौज़ा/हज़रत रसूल अल्लाह स.ल.व.व. ने एक रिवायत में सलाम करने की बरकत कि ओर इशारा किया हैं।
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शरई अहकामः नज़्र में तब्दीली का हुक्म
हौज़ा/लोग मातमी अंजुमन को चावल और गोश्त देने की नज़्र मानते हैं, अगर चावल, गोश्त से ज़्यादा हो तो क्या चावल का इज़ाफ़ी हिस्सा बेचकर गोश्त या दूसरी ज़रूरी…
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शरई अहकाम । वस्वासी शख़्स का फ़रीज़ा
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने वस्वासी शख़्स के फ़रीज़े से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया…
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शरई अहकाम:
एक बार वूज़ु करने से हम कितने वक्त की नमाज़ पढ़ सकते हैं?
हौज़ा/जब तक वूज़ु बातिल नही होता और यहां तक कुछ दिन भी अगर वूज़ु बाकी रहता हैं, तो आप नमाज़ पढ़ सकते हैं।
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शरई अहकाम:
नमाज़े जमाअत की लंबी लाइनों के इत्तेसाल का हुक्म
हौज़ा/अगर नमाज़े जमाअत की कोई लाइन इतनी लंबी हो जाए कि इमामे जमाअत या सामने वाली लाइन (सफ़) नज़र न आए क्या ऐसी हालत में लाइनों के बीच इत्तेसाल बाक़ी रहता…
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शरई अहकाम:
रोज़े की हालत में आंख में दवा डालना और सुरमा लगाना कैसा हैं?
हौज़ा / रोज़े की हालत में आंख में दवा डालना और सुरमा लगाना जबकि उसका मज़ा या बू हल्क तक पहुंचे तो मकरूह हैं।
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शरई अहकाम:
कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करना
हौज़ा: ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने कोरोना वायरस के मरीजो के इलाज से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया…
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शरई अहकाम:
कागज़ पर सजदा
हौज़ा/वह कागज़ जो लकड़ी और पौधों, रुई ,और कपास के अलावा से तैयार किया गया हो उस पर सजदा सही हैं।
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शरई अहकाम:
गुस्ल का वुज़ू से किफायत करना
हौज़ा/सिर्फ ग़ुस्ल ए जनाबत,वुज़ू से किफायत करता हैं, लेकिन एहतियातन अंजाम दिया जाने वाला गुस्ल ए जनाबत,वुज़ू से किफायत नही करता हैं।
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शरई अहकाम:
अगर किसी आदमी ने अपनी मीरास की वसीयत ना की हो तो वारसीन का क्या फर्ज़ हैं?
हौज़ा / ऐसी सूरत में अगर मैय्यत पर कर्ज़ या हज हो तो इसे असली मीरास में से अदा किया जाए और बाकी मीरास उत्तराधिकारियों के बीच बांट दी जाएगी।
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शरई अहकाम । अज़ादारी के लिए एकत्र की गई शेष वस्तुएं
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने अज़ादारी के लिए एकत्र की गई शेष वस्तुएं से संबंधित पूछे गए सवाल…
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शरई अहकाम:
अगर कोई नींद में किसी की अमानत को नुकसान पहुंचा कर इसे वापस कर दें?
हौज़ा/इसके लिए नुकसान की भरपाई या उससे हलालीयत तलब करना ज़रूरी हैं।
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शरई अहकाम:
पति और पत्नी जो एक दूसरे के पास उपहार और अमानत ए रखी थी तलाक के बाद इसका क्या हुक्म हैं?
हौज़ा/वह उपहार जो पति-पत्नी एक दूसरे को देते हैं अगर वह बाकी बचे हो तो वापस ले सकते हैं मगर यह कि वह आपस में खूनी रिश्तेदार हो,या कुर्बतन इल्लाह उपहार…
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अगर यह मालूम हो जाए की मरने वाले पर हज वाजिद था और यह पता ना चले कि उसने अंजाम दिया था या नहीं तो क्या हुक्म हैं?
हौज़ा / ऐसी सूरत में कज़ा करना वाजिब है और इसके तमाम खर्च असल माल से लिए जाएंगें।
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शरई अहकाम:
वह कपड़े जिनकी कैफियत अच्छी ना हों, और इस्तेमाल के लायक ना हो तो क्या इन्हें सदके में दिया जा सकता है?
हौज़ा/सदके में कोई शर्त नहीं है बल्कि काफी है कि वह सामान कीमत रखता हो, अल्बत्ता अगर सैय्यद को सदका दे रहे हैं तो इतना काम ना हो कि उसकी तौहीन हो,
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शरई अहकाम:
रोज़े की हालत में सिगरेट का धुआं और तंबाकू की गर्द हल्क तक पहुंचाना कैसा है?
हौज़ा / एहतियाते वाजिब यह हैं कि रोज़ेदार सिगरेट और तंबाकू वगैरा का धुआं भी हालात तक न पहुंचाए
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शरई अहकाम:
ना महरम पर इत्तेफाकी नज़र पढ़ना
हौज़ा/इत्तेफाकी और ग़ैर इरादी नज़र(पहली नज़र) कोई हर्ज नहीं रखती मगर यह की नज़र जमाए रखने या उसको दोहराने से परहेज करना ज़रूरी हैं।
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हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा नासिर मकारिम शिराज़ी का फ़तवाः
रोज़े के रखने से डॉक्टरों और चिकित्सकों का मना करना (जिन लोगों पर रोज़ा वाजिब नहीं हैं)
हौज़ा/अगर यह संतोषजनक है, तो इसकी राय स्वीकार्य है।
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शरई अहकाम:
जादू करना या करवाना शरीयत की निगाह में कैसा है?
हौज़ा/जादू करना या करवाना यहां तक की सीखना या सीखाना या इसके माध्यम से पैसा कमाना हराम हैं?
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शरई अहकाम:
सजदा ए सहू वाजिब होने के स्थान
हौज़ा / इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने सजदा ए सहू के वाजिब होने के मकाम से संबंधित पूछे गए सवाल का दिया है।
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शरई अहकम:
वाजिब नफ्काह (प्रायोजन के तहत) व्यक्तियों को कफ्फारा और फिदया देना
हौज़ा/कोई हर्ज नहीं हैं लेकिन ध्यान रहे कि कफ्फारा अम्दन 60 फकीरों को अलग अलग दिया जाता है लिहाज़ा अगर कफ्फारा अम्दन हो तो आप इन्हें सिर्फ एक मुद खाना…
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शरई अहकाम:
ज़लिमों की मदद करना और उनके द्वारा दिये गये पद को स्वीकार करना कैसा है?
हौज़ा/ज़लिमों की मदद करना या उनका सहायक और मदद गार बनना, और इसी तरह उनकी ओर से कोई पद स्वीकार करना हाराम है, सिवाय इसके कि जब वह अस्ल काम शरीयत के अनुसार…
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शरई अहकाम:
मस्जिद के सामान को किराए पर देना कैसा है?
हौज़ा/मस्जिद के इस्तेमाल के लिए किराया लेना जायज़ नहीं है,हाँ लेकिन मस्जिद के लिए वक़्फ़ जैसे फ़र्श, दीया, मेक आदि, इन चीजों का वक़्फ़ करना ऐसी चीजों को…
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ज़ैनबी किरदार वाली माताएँ और बहने ही आज के यज़ीद से लड़ सकती हैंः सायरा इब्राहीम
हौज़ा / इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत का उद्देश्य अम्र बिल मारूफ और नही अज़ मुनकर करना था और इस सुन्नत को समाज में अभ्यास करने की आवश्यकता है। अम्र बिल मारूफ़…
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शरई अहकाम:
अगर किसी आदमी पर कफ़्फ़ारा वाजिब हो और वह कई साल तक अदा न करें तो क्या हुक्म हैं?
हौज़ा / अगर किसी आदमी पर कफ़्फ़ारा वाजिब हो और वह कई साल तक अदा न करें, तो कफ़्फ़ारा में कोई इज़ाफा नहीं होगा,
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शरई अहकाम:
नमाज़ के दौरान मुंह में बचा हुआ खाना निगलना
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने नमाज़ के दौरान बचे हुए खाने को निगलने से संबंधित पूछे गए सवाल…
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:दिन कि हदीस
ऐसा काम जो रोज़ी और रिज़्क की कमी का सबब बनता है
हौज़ा/हज़रत इमाम मुहम्मद बाकिर अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में ऐसे काम की ओर इशारा किया है जो रोज़ी और रिज़्क की कमी का सबब बनता हैं।
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शरई अहकाम:
शरीअत के हुक्म से ना वाक़िफ़ शख़्स को सही मसला बताना
हौज़ा/अगर मैं किसी को नमाज़ ग़लत तरीक़े से पढ़ते देखूं तो मेरा शरई फ़रीज़ा क्या है?
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:दिन कि हदीस
महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ शफी
हौज़ा/हज़रत इमाम मुहम्मद बाकिर (अ.स.) ने एक रिवायत में औरतों के लिए बेहतरीन शफी को बयान किया हैं।
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शरई अहकामः
पक्षियों का (फुज़ला) लैट्रिन
हौज़ा/हराम गोश्त आराईशी परिंदा (Ornamental birds)का (फुज़ला) लैट्रिन कि जिन का खून उछल कर निकलता है पाक है या नजिस?
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शरई अहकम:
चोरी का माल खरीदना
हौज़ा/अगर चोरी का माल होने पर संतुष्ट ना हो तो उसको खरीदने में कोई हर्ज नहीं हैं।
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शरई अहकाम:
जो आदमी रोज़ा रखना चाहता है क्या उसके लिए खेलाल करना ज़रूरी हैं?
हौज़ा/जो आदमी रोज़ा रखना चाहता हो उसके लिए आज़ाने सुबह से पहले दांतों में खेलाल करना ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर इसे ज्ञान हो कि जो खाना दातों के दरमियान…
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आयतुल्लाह सुबहानी की पत्नी की नमाज़े जनाज़ा हरम ए मासूमा स.अ. में अदा कि गई/फोटों
हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा जाफर सुब्हानी की पत्नी के नमाज़े जनाज़ा क़ुम अलमुकद्देसा में मराजय ए इकराम और विद्वानों और छात्रों की उपस्थिति में अदा की…
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शरई अहकाम:
ख़ुम्स के हिसाब और भुगतान में देरी करना
हौज़ा: कुछ दिनों के लिए देरी करने में कोई समस्या नहीं है जिसमें माल का उपयोग उसी वर्ष के खुम्स में और खर्च के हिस्से के रूप में शुमार हो
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शरई अहकाम । शरीर से मजबूर इंसान के नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा
हौज़ा/ऐसा इंसान खड़े हो कर नमाज़ शुरू करे और अगर मुमकिन हो तो आम हालात की तरह से रुकू करे और सज्दे के लिए कुर्सी पर बैठ जाए और मेज़ वग़ैरा की मदद से, जिसे…
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शरई अहकामः
भविष्य के लिए खरीदे गए कपड़ों पर ख़ुम्स
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने भविष्य के लिए खरीदे गए कपड़ो पर ख़ुम्स से संबंधित पूछे गए सवाल…
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शरई अहकामः
ज्यादातर मजलिसो में नियाज चावल आदि बांटा जाता है और यह सिलसिला सुबह से लेकर पूरे दिन चलता रहता है, इसलिए बड़ी मात्रा में खाना कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है, तो इस बारे में आपकी क्या राय है?
हौज़ा | तबज़ीर (नेमतो को बर्बाद करना) क्रोध का एक स्रोत है और शरिया द्वारा हराम है, इसलिए इसे रोकने के लिए हर उपाय करना महत्वपूर्ण है, भले ही यह व्यवस्था…
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पॉलिटेक्निक कॉलेज के परिसर में मस्जिद के निर्माण पर भड़के हिंदू संगठन
हौज़ा/आजमगढ़ में राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर के पश्चिमी हिस्से में मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है निर्माण को अवैध बताते हुए बजरंग दल का प्रतिनिधिमंडल सोमवार…
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शरई अहकाम:
अगर इंसान ना जानता हो कि वह मुजनिब है और नमाज़ व रोज़ा अंजाम दे रहा हो फिर कुछ दिन बाद मालूम हो जाए कि वह जनाबत की हालत में नमाज़ रोज़ा अंजाम दे रहा था तो उस सूरत में उसका क्या फरीज़ा हैं?
हौज़ा/ उसे सूरत में उसके रोज़े सही है मगर नमाज़ों की कज़ा करेगा,
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कतर ने ताजिकिस्तान में मध्य एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद का उद्घाटन किया
हौज़ा/इस मस्जिद को बनाने में लगभग 14 साल लगे और इसकी लागत $100 मिलियन आई, इसमें 74 मीटर की ऊँचाई के साथ 4 मीनारें हैं दो छोटी मीनारें हैं जिसकी ऊंचाई 21…
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शरई अहकाम:
कंप्यूटर पर जुआ बाजी वाला गेम खेलना
हौज़ा/वह खेल जो 2 लोगों के दरमियान जुआ बाज़ी की वजह से हराम है अगर कंप्यूटर के माध्यम से या अकेला खेला जाए और किसी किस्म की पैसों या किसी भी किस्म की मालियत…
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तस्वीरें / रमज़ान के दौरान हर दिन हज़रत मासूमा क़ुम (स) के हरम में विभिन्न शैक्षणिक सत्र का आयोजन
हौज़ा/ रमज़ान के पवित्र महीने में हरम ए करीमा ए अहले-बैत (अ.स.) में कई शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिसमें ईरान के प्रसिद्ध विद्वान और ज़ाकेरीन रोज़ा…
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फोटो / शबे जुम्आ मे कर्बला ए मोअल्ला हरम ए इमाम हुसैन (अ) में ज़ायरीन की बड़ी संख्या में उपस्थिति
हौज़ा / इराक,शबे जुमआ को कर्बला ए मोअल्ला में हरम ए इमाम हुसैन अ.स. की तरफ जाने वाली तमाम सड़कों पर ज़यरीन बड़ी संख्या में होते हैं और सङके जायरीन से भरी…
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शरई अहकाम:
नज़र के धन का उपयोग
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने नज़र के धन के उपयोग से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
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मुश्किलों के हल के लिए ग़ैरों से उम्मीद करना गलत हैं।
हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई ने कहां,कुछ लोग कठिनाइयों के समय में उसको भूल जाते हैं जिसके पास हर समस्या का हल है और उससे उम्मीद करते…
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शरई अहकाम:
फोटो वाले कपड़ों में नमाज़ पढ़ना
हौज़ा / क्या ऐसे कपड़ों में नमाज़ पढ़ी जा सकती है कि जिन पर इंसान या हैवान की फोटो (तस्वीर) बनी हुई हो लेकिन वह किसी दूसरे लिबास के नीचे छुपी हुई हो?
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शरई अहकाम:
इस्तिखारे पर अमल करना
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने इस्तिख़ारे पर अमल करने से संबंधित पूछे गए सवाल का जवाब दिया है।
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शरई अहकम:
मगनी(सगाई) के दौरान संपर्क में रहना
हौज़ा/उस लड़के और लड़की के घर वालों की खबर के साथ टेलीफोन पर संपर्क रखना, और बातें करना कि जिन की आपस में मंगनी हो चुकी हैं ताकी शादी के फैसले के लिए दूसरे…
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हज, उमरा और ज़ियारत का आह्वान मानवता पर आधारित है
हौज़ा / उमरा मुफ़रेदा रजबियाह 2024 रिकॉर्ड तोड़ और इतिहास निर्माता, एक संक्षिप्त अवलोकन
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सबा बाबाई की ज़िंदगी पर एक नज़र
हौज़ा/तेहरान कि मशहूर क़ब्रिस्तान बहिश्ते ज़हेरा का नाम दिमाग में आते ही वह महान शख्सियत ए दिमाग में आ जाती हैं जिन्होंने अपने ख़ून के ज़रिए मुल्क की हिफाज़त…
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दिन की हदीसः
हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) की नज़र में सबसे बेहतरीन इंसान
हौज़ा / हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) ने एक रिवायत में सर्वश्रेष्ठ इंसान का परिचय दिया है।
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मस्जिद ए इब्राहिमी की पवित्रता का उल्लंघन कर रहे हैं यहूदी
हौज़ा/यहूदी कब्जे वाले फ़िलिस्तीन में इस्लामी पवित्र स्थानों को अपवित्र करना जारी रखे हैं मुसलमानों को मस्जिद में नमाज़ अदा नहीं करने दी जाती लेकिन यहूदी…
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शरई अहकाम:
इजारे की नमाज़ पढ़ने का तरीक़ा
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने इजारे की नमाज पढ़ने की कैफीयत के संबंध मे पूछे गए सवाल का जवाब…
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शरई अहकाम । महिलाओं द्वारा परफ्यूम और इत्र का इस्तेमाल
हौज़ा / ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने महिलाओ द्वारा परफ़्यूम और इत्र के इस्तेमाल से संबंधित पूछे गए…
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शरई अहकम:
किसी की नियाबत में नमाज़ पढ़ना और रोज़ा रखना
हौज़ा/नमाज़ पढ़ने में कोई हर्ज नहीं हैं, लेकिन अगर वह रोज़े में अजीर हो तो कोई हरज नहीं, लेकिन अगर वह उज्रत के बिना किसी मुआवज़े के (मुफ्त में) अदा करे…
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वह दु:ख जो इमाम हसन अ.स. को अपनों ने दिया
हौज़ा/सुप्रीम लीडर आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने फरमाया:इमामे हसन अलैहिस्सलाम का जनाज़ा ऑलमें गुरबत में उठना इमाम को ज़हर देना,और नाना के पहलू…
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इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलाही राजेऊन
हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना मोहसिन जाफरी का निधन
हौज़ा/लखनऊ के मशहूर खतीब हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना मोहसिन जाफरी का निधन
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शरई अहकाम:
दूसरे को कोई बात समझने के लिए नमाज़ का कोई ज़िक्र पढ़ना
हौज़ा / अगर नमाज़ के किसी हिस्से की अदायगी में कस्द कुर्बत ना रखें जबकी रिया की नीयत भी न रखता हो तो क्या नमाज सही है? जैसे किसी दूसरे को कोई बात समझने…
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डेनमार्क के स्कूलों में इस्काफ पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर देश में एक नई बहस को जन्म दिया
हौज़ा/डेनमार्क की सत्तारूढ़ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा स्थापित एक संगठन ने सरकार को डेनमार्क के प्राथमिक विद्यालयों में स्कार्फ पर प्रतिबंध लगाने का…
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:दिन कि हदीस
वह आदमी जिसके ऊपर जहन्नम हराम हैं
हौज़ा/हज़रत इमाम जफार सादीक अ.स.ने एक रिवायत में नमाज़ ए जुमआ में शिरकत के सवाब की ओर इशारा किया हैं।
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अज़ादारी हर वक़्त, नमाज़ बर वक़्त
हौज़ा / महराबपुर मे इमाम ज़ैनुल आबेदीन इंस्टीट्यूट ऑफ़ तालीमाते वा अहलबिया वा फ़रुग़े आज़ादारी मिशन महराबपुर सिंध के तत्वाधान 10 मुहर्रम अल-हराम के रोज़े आशुरा…
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दिन की हदीस:
नमाज़ के बारे में काबिले गौर रिवायत
हौज़ा / हज़रत इमाम जफार सादीक अलैहिस्सलाम ने एक रिवायत में नमाज़ के बारे में बहुत अहम बात बयान फरमाई हैं।
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